Investment kya hai? और Invest Kaise Kare? सीखिए मात्र 5 स्टेप्स में

महंगाई दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही और हमारी सेविंग्स घटती जा रही है। ऐसे में हमें जरुरत है कि हम अच्छी जगह निवेश करें और चिंता मुक्त रहें। ज्यादा से ज्यादा बचत कर रिटायरमेंट के बाद सुखद जिन्दगी व्यतीत करें। अब बात यह आती है कि Investment kya hai? और Invest kaise kare? आज हम इसी विषय में बात करेंगे कि Investment kya hai aur Invest kaise kare.

investment kya hai
investment kya hai

Investment kya hai ?

जब हम अपने पैसों से किसी ऐसे चीज़ को खरीदते हैं जो आने वाले समय में हमें फायदा दे या दूसरे शब्दों में ये भी कह सकते है की अपने पैसों को किसी ऐसे जगह पर लगाना जहाँ समय के साथ पैसे बढ़ते रहे। निवेश करने के बहुत सारे तरीके हो सकते हैं। आगे हम उसके बारे में विस्तारपूर्वक बात करेंगे।

Invest kaise kare ?

निवेश करने के लिए आप इन बातों को अपना सकते हैं –

  • जितनी जल्दी हो सके निवेश करना शुरू करें
  • तय करें की आपको कितना निवेश करना है
  • Demat Account खुलवाएं
  • निवेश के रास्तों को समझें
  • अपने अनुसार निवेश के स्ट्रेटेजी बनाये

जितनी जल्दी हो सके निवेश करना शुरू करें

अगर आप काम उम्र में इन्वेस्ट करना शुरू करते हैं तो आपके पास बहुत फायदे होते हैं :-

आमतौर पर इस समय आपके पास ज्यादा रिस्क लेने का मौका होता है क्यूंकि आपके ऊपर जिम्मेदारियाँ कम होती है। एक कहावत है

High Risk, High Returns

जब आप कम उम्र से ही निवेश करना शुरू करते हो तो आप थोड़े ज्यादा रिस्क लेकर या फिर यूँ कहें कि Calculated Risk लेकर ज्यादा रिटर्न्स कमा सकते हैं। जैसे जैसे आपकी उम्र बढ़ती जाती है जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ता जाता है और तब हम ज्यादा रिस्क नहीं ले सकते है।

कम उम्र में निवेश करने से हम मार्किट रिस्क को भी जल्दी ही समझ जाते हैं जिससे आने वाले समय में जब जिम्मेदारियाँ अधिक होती है तब हम कम रिस्क के साथ बेहतर निवेश कर पाते हैं।

अगर आप कम उम्र में निवेश करते हो तो आपके पैसों को बढ़ने का समय ज्यादा मिलता है। निवेश करने पर हमें कम्पाउंडिंग का बेनिफिट मिलता है जो समय के साथ बढ़ते जाता है। दुनिया के सबसे महान इन्वेस्टर वारेन बुफे ने 11 साल की उम्र से ही निवेश करना शुरू कर दिया था और 56 साल की उम्र में वो अरबपति हो गए थे।

तय करें कि आपको कितना निवेश करना है

अब आप जब निवेश करने की सोच चुके हैं तो आपको यह तय करना है की आप कितना निवेश कर सकते हैं। फ़ोन बिल, बिजली बिल, राशन का खर्च और न जितने कितने खर्च हैं। इन खर्च के वाबजूद आपको यह सुनिश्चित करना है की कम से कम खर्च कर आप ज्यादा से ज्यादा पैसे निवेश करें। इसका मतलब ये नहीं है की आपको निवेश के लिए बहुत ज्यादा पैसों की जरुरत पड़ेगी। आप छोटे कैपिटल के साथ भी शुरू कर सकते हैं। आज के समय मे आप चाहे तो सिर्फ 100 रु० के साथ निवेश शुरू कर सकते हैं।

Demat Account खुलवाएं

निवेश की रकम तय करने के बाद आपका अगला कदम होगा – निवेश के लिए एक खता खुलवाना। निवेश के लिए खाता यानि दमत अकाउंट खुलवाना आज के समय पे काफी ज्यादा आसान हो गया है। अब पहले जैसा नहीं रहा की आपको दमत अकाउंट खुलवाने के लिए आपको ब्रोकर के ऑफिस का चक्कर लगाना पड़ता था और अकाउंट खुलवाने के लिए बहुत ज्यादा पैसे देने पड़ते थे। आज के समय में आप घर बैठे लगभग फ्री में Demat अकाउंट खुलवा सकते हैं। दमत अकाउंट खुलवाने के लिए आपको जरुरत पड़ेगी बस आधार कार्ड , पैन कार्ड और एक बैंक अकाउंट की। जैसे ही आपके पास ये तीन चीज़ आ जाये आप दमत अकाउंट खुलवाने के लिए तैयार हैं।

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निवेश करने के रास्तों को समझें

आपके पास निवेश करने के लिए बहुत सारे ऑप्शन उपलब्ध है। निवेश करने से पहले ये जान लेना सही होगा की हम कहाँ कहाँ
निवेश कर सकते हैं ताकि आप ये फैसला कर सकें की आपके लिए क्या सही रहेगा। आपके लिए निवेश के लिए प्रमुख रास्ते हैं:

  • फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट (Fixed Income Instrument)
  • रियल एस्टेट (Real Estate)
  • गोल्ड (Gold)
  • इक्विटी (Equity or Stocks)

फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट

Fixed Income Instrument mein Invest Kaise Kare
Fixed Income Instruments mein Invest Kaise Kare

फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट के कुछ उदहारण हैं –

  • Bank Fixed Deposit (FD)
  • Bonds
  • Debentures etc.

आमतौर पर इस तरह के इन्वेस्टमेंट पर हमें 7-10 % के आस-पास रिटर्न्स मिलते हैं। इनमे आप अपने पूँजी कि सुरक्षा के लिए निवेश कर सकते हैं क्यूंकि यहाँ रिस्क बहुत कम होता है। साधारणतया इस ऐसे निवेश से हम महंगाई को मात तो नहीं दे सकते लेकिन काफी हद तक महंगाई के असर को संभल सकते हैं। अब आपके मन में ये प्रश्न उठ रहा होगा कि ऐसे में फिर फिक्स्ड इनकम इंस्टूमेंट में निवेश क्यों करें ?
इसका उत्तर आसान है – बैकअप मनी के लिए। निवेश में मार्किट रिस्क होते हैं ऐसे में बेहतर होता है की हम अपने लिए हमेशा एक बैकअप रखें।

रियल एस्टेट में निवेश

Real estate me invest kaise kare

रियल एस्टेट में निवेश करना थोड़ा सुरक्षित है और इसके रिटर्न्स भी काफी अच्छे होते हैं। लेकिन रियल एस्टेट में निवेश करने के लिए आपको एक बड़ी रकम कि जरुरत पड़ती है साथ ही साथ इसमें लिक्विडिटी भी काफी कम है। मतलब कि आप इसे जब चाहो तब बेच नहीं सकते। आपको सही खरीदार का इंतज़ार करना पड़ता है।

गोल्ड में निवेश

Gold mein invest kaise kare

गोल्ड (सोना) में निवेश करने कि प्रथा हमारे समाज में वर्षों से चली आ रही है। गोल्ड में निवेश करना आमतौर पर सुरक्षित होता है परन्तु इसे हम एक बेहतर निवेश नहीं बोल सकते हैं। कभी कभी गोल्ड के रिटर्न्स महंगाई दर से भी कम होता है। ऐसे में हमारे निवेश का मकसद ही पूरा नहीं होता है। अगर हम लम्बे समय तक गोल्ड में निवेश करें तब जाकर यह निवेश फायदेमंद होता है।

Equity या Stocks में निवेश

Equity mein invest kaise kare
Equity mein invest kaise kare

इक्विटी में निवेश करना काफी रिस्की होता है क्युकी इसका मार्किट रिस्क से सीधा सम्बन्ध है। इसमें हम अपने पसंद कि कंपनी के शेयर्स खरीदते या बेचते हैं। ऐसे में अगर वो कंपनी को नुकसान होता है या कंपनी डूब जाती है तो हमें भी नुक्सान सहना पड़ता है। इसका उल्टा अगर कंपनी को फायदा होता है तो हमें भी फायदा होता है।

इक्विटी से हमें आमतौर पर 14-16% का रेतुर्न आसानी से मिल जाता है। ऐसे में यह निवेश का एक बेहतर ऑप्शन बन जाता है। परन्तु किसी भी कंपनी के शेयर्स लेने से पहले हमें ये अवश्य जान लेना किये कि कंपनी कैसी है? उस कंपनी का मैनेजमेंट कैसा है? कहीं कंपनी घाटे में तो नहीं चल रही? कहीं कंपनी के ऊपर बहुत ज्यादा कर्ज का बोझ तो नहीं? इन सारी चीज़ों के बारे में जानकारी होने के बाद हम निवेश कर सकते हैं।

यह भी पढ़े : स्टॉक मार्किट क्या है और उसमे invest kaise kare

अपने अनुसार निवेश कि स्ट्रेटेजी बनाएं

निवेश के ऑप्शन को जानने के बाद अब आप निवेश करने के लिए तैयार हो। अब आपको बस अपने अनुसार निवेश की स्ट्रेटेजी बनाना है। इसका अर्थ ये है कि आपको बस यह तय करना कि आप कितना रिस्क ले सकते हैं और उसके अनुसार अपना निवेश का एक नियम बनाना है।

उदाहरण के तौर पर, मान लो आपकी उम्र अभी २० साल कि है। इस उम्र में ज्यादा से ज्यादा रिस्क ले सकते हो क्यूंकि आपके ऊपर जिम्मेदारियाँ कम है। ऐसे में आप इक्विटी में ज्यादा निवेश कर सकते हो और फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट में थोड़ा कम। इससे आपके returns बढ़ जायेंगे। जैसे जैसे आप बड़े होते जाओगे आपके ऊपर जिम्मेदारियाँ बढ़ती जाएगी। तब आपको इक्विटी में थोड़ा कम निवेश करना है और फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश कि राशि को थोड़ा बढ़ा देना है। इससे आपके रिटर्न्स भले ही कम हो जायेंगे पर आपके पैसे ज्यादा सुरक्षित रहेंगे।

निवेश कि स्ट्रेटेजी का कोई गोल्डन रूल नहीं है, यह आपको तय करना है कि आप अपने अनुसार कितना रिस्क ले सकते हो।

निष्कर्ष

इस आर्टिकल में हमने जाना कि Investment kya hai और Invest kaise kare? उम्मीद है इस आर्टिकल से आपको थोड़ी मदद अवश्य मिली होगी। अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आता है तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और साथ ही साथ कमेंट करके हमें बताएं कि आपको किस टॉपिक पर जानकारी चाहिए।

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